नियुक्ति के पांच माह बीते अब भी वेतन का इंतजार शैक्षिक प्रमाण पत्रों का सत्यापन बना वेतन की राह में रोड़ा


प्रयागराज। 69 हजार शिक्षक भर्ती की तीसरी काउंसलिंग के तहत नियुक्ति पाए शिक्षकों को अब तक वेतन का भुगतान नहीं वेतन नहीं मिला है। शैक्षिक अभिलेखों का हुआ है। शैक्षिक पत्रों का सत्यापन वेतन की सत्यापन न होने की वजह से इन्हें वेतन नहीं राह में रोड़ा बना हुआ है। वेतन न मिलने से मिल रहा है। इनमें से तमाम शिक्षक ऐसे हैं इन शिक्षकों के सामने आर्थिक तंगी से जूझना जो दूर के जिलों के रहने वाले हैं। यहां पड़ रहा है। शिक्षकों की मांग है कि पिछले किराए पर कमरा लेकर रह रहे हैं। साथ ही शासनादेश के अनुक्रम में नवनियुक्त प्रतिदिन 40-50 किलोमीटर सफर करके शिक्षकों से शपथ पत्र लेकर वेतन भुगतान शिक्षण का कार्य करने विद्यालय जाते हैं। ऐसे में वेतन न मिलने से कमरे का किराया,सूबे में परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में बस का किराया तथा खाने-पीने आदि का 69000 शिक्षक भर्ती के तहत तृतीय चरण प्रबंध करने में आर्थिक तंगी आड़े आ रही है। की काउंसलिंग में 26 जून को 6696 इन नवनियुक्त शिक्षकों का कहना है कि शिक्षकों की नियुक्ति मिली थी। जिले में 90 इसके पहले 69000 शिक्षक भर्ती के पिछले पदों के सापेक्ष कुल 75 शिक्षकों को 23 2 चरणों की काउंसलिंग में नियुक्ति पाए जुलाई को नियुक्ति पत्र दिया गया था। शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाण पत्रों के सत्यापन नियुक्ति के बाद यह सभी शिक्षक बेसिक न होने की स्थिति में तत्कालीन अपर मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय में उपस्थिति दर्ज सचिव बेसिक शिक्षा ने19 मई कोकरा रहे थे।तीन माह के इंतजार के बाद इन्हें शासनादेश जारी करके ऐसे शिक्षकों का विद्यालय आवंटन हुआ। विद्यालय आवंटन वेतन शपथपत्र के आधार पर जारी करने को तो हो गया, लेकिन अब तक इन शिक्षकों को कहा था।
किया जाए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *