Saturday, April 20, 2024
Secondary Education

माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की हाईस्कूल व इंटर परीक्षा में प्रश्नपत्रों का लीक होना बड़ी चुनौती बन चुकी है। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने भले ही सिर्फ इंटर अंग्रेजी का ही प्रश्नपत्र लीक होना स्वीकारा लेकिन, इंटरनेट मीडिया पर वायरल होने वाले प्रश्नपत्रों की संख्या करीब आधा दर्जन है। वहीं, शासन स्तर से नकल रोकने के लिए साल दर साल नवप्रयोग हो रहे हैं, अब पेपर लीक पर विराम लगाने के लिए विभाग परीक्षा केंद्रों पर हाईस्पीड ¨पट्रर लगाने पर मंथन कर रहा है। बता दें कि बलिया में इंटर अंग्रेजी का पेपर लीक होने के बाद यूपी बोर्ड को 24 जिलों में 13 अप्रैल को नए सिरे से परीक्षा करानी पड़ रही है।

मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र की अध्यक्षता में पिछले दिनों माध्यमिक शिक्षा विभाग के अफसरों की बैठक हुई, इसमें कहा गया कि ऐसा रास्ता खोजा जाए कि प्रश्नपत्र लीक होने की नौबत ही न आए। इसके लिए माध्यमिक कालेजों में हाईस्पीड ¨पट्रर बेहतर विकल्प हो सकता है, क्योंकि नकल रोकने के लिए सभी कालेजों में सीसीटीवी कैमरे, वायस रिकार्डर, राउटर, डीवीआर आदि लगे हैं। राज्य, जिला मुख्यालय पर कंट्रोम रूप से परीक्षा कक्षों की आनलाइन मानीटरिंग के लिए वेबका¨स्टग का उपयोग हो रहा है।कालेजों में हाईस्पीड इंटरनेट और लगातार बिजली के लिए जेनरेटर व इनवर्टर का भी प्रबंध पहले से है। हाईस्कूल व इंटर स्तर के हर कालेज के प्रधानाचार्य को यूजर आइडी व पासवर्ड मुहैया कराया गया है। अब केवल हाईस्पीड ¨पट्रर लगने से पेपर लीक पर अंकुश लग सकता है। दोनों पालियों में परीक्षा शुरू होने के दस से पंद्रह मिनट पहले मुख्यालय से एक साथ प्रश्नपत्र केंद्रों को भेजा जा सकता है और हाईस्पीड ¨पट्रर कुछ ही मिनट पर प्रश्नपत्र ¨पट्र कर देगा। केंद्र निर्धारण नीति में हर केंद्र पर परीक्षार्थियों की अधिकतम संख्या भी तय होती है, ऐसे में उसी के हिसाब से ¨पट्रर का प्रबंध करना होगा। हाईस्पीड ¨पट्रर से यूपी बोर्ड को हाईस्कूल इंटर की परीक्षा में पेपर छपवाने, भिजवाने का खर्च बचेगा और सुरक्षित रखने का इंतजाम नहीं करना होगा। प्रिंटर भी बीस से तीस हजार में आसानी से मिल जाएगा।

हाईस्पीड प्रिंटर के फायदे’पेपर लीक नहीं हो पाएगा, चंद मिनट पहले ही केंद्र को मिलेगा पेपर’नकल माफिया पर नकेल कसेगी क्योंकि केंद्र व्यवस्थापक की आइडी पर ही पेपर भेजा जाएगा’घटेगा खर्च, अभी पेपर छपवाने उसके वितरण और सुरक्षित रखने पर भारी खर्च होता है’कंप्यूटर, इंटरनेट और जेनरेटर की सुविधाएं पहले से ही हैं, ऐसे में बहुत कम निवेश में योजना पूरी हो जाएगी

परीक्षा समय सारिणी लीक को विभाग ने छिपायायूपी बोर्ड की परीक्षा समय सारिणी घोषित होने से पहले ही लीक हो गई, कुछ इंटरनेट मीडिया पर कार्यक्रम वायरल होने लगा तो अफसरों ने इस पर पर्दा डालने के लिए दूसरे ही दिन वही कार्यक्रम औपचारिक रूप से घोषित कर दिया। बलिया की तरह इस पर न तो किसी की जिम्मेदारी तय हुई और न कोई कार्रवाई की गई।’>>माध्यमिक शिक्षा विभाग कालेजों में सुविधा बढ़ाने पर कर रहा विचार’>>इस बार अब तक छह पेपर इंटरनेट मीडिया पर हो चुके हैं वायरल’>>24 जिलों में अंग्रेजी की परीक्षा 13 अप्रैल को रद करनी पड़ी थी।।

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