Saturday, April 20, 2024
Secondary Education

चार वर्षीय बीएड वाले ही बन सकेंगे शिक्षक

राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीईटीई) के अध्यक्ष प्रोफेसर योगेश सिंह ने बताया कि एनईपी 2020 की सिफारिशों के तहत ही चार वर्षीय बीएड प्रोग्राम शुरू किया जा रहा

वर्ष 2030 से चार वर्षीय बीएड या चार-वर्षीय एकीकृत अध्यापक शिक्षा कार्यक्रम (आईटीईपी) डिग्री धारक ही शिक्षक बन पाएंगे। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 की सिफारिशों के तहत बाल वाटिका से लेकर 12वीं कक्षा तक के लिए शिक्षकों की न्यूनतम योग्यता तय कर दी गई है।

इसमें बीए-बीएड, बीएससी-बीएड और बीकॉम-बीएड शामिल हैं। खास बात यह है कि शैक्षणिक सत्र 2023-24 से 41 विश्वविद्यालयों में पायलट प्रोजेक्ट में चार वर्षीय बीएड प्रोग्राम शुरू हो रहा है। एनटीए राष्ट्रीय सामान्य प्रवेश परीक्षा के लिए अगले हफ्ते ऑनलाइन आवेदन खिड़की शुरू करेगा।

शिक्षक

राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीईटीई) के अध्यक्ष प्रोफेसर योगेश सिंह ने बताया कि एनईपी 2020 की सिफारिशों के तहत ही चार वर्षीय बीएड प्रोग्राम शुरू किया जा रहा है। एनईपी 2020 की सिफारिशों के तहत ही 2030 से स्कूलों में शिक्षक बनने के लिए शिक्षकों की न्यूनतम योग्यता तय की गई है। इसमें चार वर्षीय बीएड या चार वर्षीय एकीकृत अध्यापक शिक्षा कार्यक्रम (आईटीईपी) डिग्री धारक शामिल हैं। पहला पायलट प्रोजेक्ट इसी सत्र से 41 विश्वविद्यालयों में शुरू हो रहा है। यह पाठ्यक्रम नई स्कूल संरचना के चार चरणों यानि फाउंडेशनल, प्रिपरेटरी, मिडिल और सेकेंडरी (5+3+3+4) के लिए शिक्षकों को तैयार करेगा। आईटीईपी न केवल अत्याधुनिक शिक्षा प्रदान करेगा, बल्कि प्रारंभिक बचपन की देखभाल और शिक्षा (ईसीसीई), मूलभूत साक्षरता और संख्यात्मकता (एफएलएन), समावेशी शिक्षा और भारत तथा इसके मूल्यों, आचारों, कला, परंपराओं की समझ व अन्य विषयों का आधार भी स्थापित करेगा। पाठ्यक्रम पूरे अध्यापक शिक्षा क्षेत्र के पुनरद्धार में महत्वपूर्ण योगदान देगा। भारतीय मूल्यों और परंपराओं पर आधारित एक बहु-विषयक वातावरण के माध्यम से इस पाठ्यक्रम से उत्तीर्ण होने वाले भावी शिक्षकों को 21वीं सदी के वैश्विक मानकों की आवश्यकताओं से परिचित कराया जाएगा और इस प्रकार वे नए भारत के भविष्य को स्वरूप देने में अग्रणी भूमिका निभाएंगे।

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स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार मकसद
स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के मकसद से राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) से मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालयों में बीए-बीएड, बीएससी-बीएड और बीकॉम-बीएड पाठ्यक्रम कोर्स शुरू हो रहा है। यह एक दोहरी समग्र स्नातक डिग्री होगी। 12वीं कक्षा के बाद जो छात्र शिक्षक के रूप में अपना भविष्य बनाना चाहते होंगे, वे बीए-बीएड, बीकॉम-बीएड और बीएससी-बीएड प्रोग्राम में से किसी एक में दाखिला ले सकते हैं। हालांकि कुछ समय तक पहले की तरह दो वर्षीय बीएड प्रोग्राम भी फिलहाल चलता रहेगा। पहले शिक्षक बनने के लिए छात्रों को तीन साल की स्नातक डिग्री और दो वर्षीय बीएड प्रोग्राम की पढ़ाई करनी होती थी। इसमें पांच वर्ष का समय लगता है, लेकिन नए प्रारूप के तहत चार वर्ष में शिक्षक डिग्री मिल जाएगी।

परिचय

भारत में शिक्षकों की योग्यता और क्षमता में सुधार के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। इनमें से एक महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि अब से केवल चार वर्षीय बीएड वाले ही शिक्षक बन सकेंगे।

चार वर्षीय बीएड कार्यक्रम

चार वर्षीय बीएड कार्यक्रम एक पूर्णकालिक स्नातक कार्यक्रम है। यह कार्यक्रम छात्रों को शिक्षा के सिद्धांतों और प्रथाओं के बारे में गहन ज्ञान और कौशल प्रदान करता है। इस कार्यक्रम में छात्रों को बाल मनोविज्ञान, शिक्षाशास्त्र, शिक्षण विधियों, मूल्यांकन, और अनुसंधान जैसे विषयों का अध्ययन करना होता है।

चार वर्षीय बीएड के लाभ

चार वर्षीय बीएड के कई लाभ हैं। इन लाभों में शामिल हैं:

  • शिक्षकों की योग्यता में सुधार: चार वर्षीय बीएड कार्यक्रम छात्रों को शिक्षक के रूप में आवश्यक ज्ञान और कौशल प्रदान करता है। इससे शिक्षकों की योग्यता में सुधार होता है।
  • शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार: चार वर्षीय बीएड कार्यक्रम से प्रशिक्षित शिक्षक छात्रों को बेहतर शिक्षा प्रदान कर सकते हैं। इससे शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होता है।
  • शिक्षकों की प्रेरणा में वृद्धि: चार वर्षीय बीएड कार्यक्रम छात्रों को शिक्षक के रूप में अपने करियर में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है। इससे शिक्षकों की प्रेरणा में वृद्धि होती है।

चार वर्षीय बीएड के लिए पात्रता

चार वर्षीय बीएड के लिए पात्र होने के लिए उम्मीदवारों को निम्नलिखित शर्तों को पूरा करना होता है:

  • उम्मीदवार ने किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी विषय में स्नातक की डिग्री प्राप्त की हो।
  • उम्मीदवार की आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए।
  • उम्मीदवार का चयन प्रवेश परीक्षा के माध्यम से किया जाता है।

निष्कर्ष

चार वर्षीय बीएड कार्यक्रम शिक्षकों की योग्यता और क्षमता में सुधार के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है। इस कार्यक्रम से प्रशिक्षित शिक्षक छात्रों को बेहतर शिक्षा प्रदान कर सकते हैं। इससे शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा और देश का भविष्य उज्ज्वल होगा।

विशेष रूप से, चार वर्षीय बीएड कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए निम्नलिखित बातों पर ध्यान दिया जाना चाहिए:

  • चार वर्षीय बीएड कार्यक्रम के लिए गुणवत्तापूर्ण पाठ्यक्रम और शिक्षण सामग्री विकसित की जानी चाहिए।
  • चार वर्षीय बीएड कार्यक्रम के लिए योग्य और अनुभवी शिक्षकों की नियुक्ति की जानी चाहिए।
  • चार वर्षीय बीएड कार्यक्रम के लिए प्रभावी मूल्यांकन प्रणाली विकसित की जानी चाहिए।

इन बातों पर ध्यान देने से चार वर्षीय बीएड कार्यक्रम को सफल बनाया जा सकता है और शिक्षकों की योग्यता और क्षमता में सुधार किया जा सकता है।

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