Saturday, April 20, 2024
Secondary Education

ग्रामीण क्षेत्र के निर्धन छात्रों के लिए कल्याणकारी योजनाएं

कल्याणकारी योजनाएं : ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले अति गरीब परिवारों को एक साथ १४ विभागों की ४६ योजनाओं का लाभ देकर उनको बेहतर स्थिति में लाया जाएगा। प्रदेश सरकार ने ग्राम पंचायतों में रहने वाले ऐसे पांच लाख निर्धनतम परिवारों का उत्थान करने का लIय निर्धारित किया है। इसके तहत प्रदेश की प्रत्येक ग्राम पंचायत से १० से २५ तक निर्धनतम परिवारों का चिह्नीकरण कर उनको इन योजनाओं से लाभान्वित किया जाना है। कृषि उत्पादन आयुक्त मनोज कुमार सिंह ने सभी जिलाधिकारियों को इससे सम्बन्धित दिशा–निर्देश जारी कर तीव्र गति से कार्य करने को कहा है॥। ग्राम प्रधान के नेतृत्व में प्रत्येक ग्राम पंचायत में निवास कर रहे गरीब परिवारों में निर्धनतम परिवारों की पहचान कर उनका पंजीकरण किया जाना है। इसके तहत कुछ मानक भी निर्धारित किये गये हैं। इन परिवारों का चिह्नांकन करने के लिए ग्राम प्रधान अपने साथ ग्राम स्तरीय कर्मचारियों में ग्राम पंचायत सहायक‚ रोजगार सेवक‚ ग्राम स्वच्छताकर्मी आदि तथा आजीविका मिशन के सामुदायिक कैड़र जैसे बीसी सखी‚ समूह सखी‚ आईसीआरपी आदि को अपने साथ शामिल कर सकेंगे। ॥ इन परिवारों को डि़जिटल प्लेटफार्म से सम्बद्ध किया जाएगा। ग्राम पंचायतों द्वारा संकलित परिवारों के कम्पोजिट पावर्टी इंडे़क्स द्वारा कम्प्यूटराइज्ड़ रेटिंग के बाद जारी अन्तिम सूची सभी सम्बन्धित विभागों को एक यूनिफाइड़ पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध करायी जाएगी। इसके बाद ये सभी विभाग यह आकलन करेंगे कि इन पांच लाख निर्धनतम परिवारों में किनको किसी विशेष योजना की पात्रता के सापेक्ष योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है तथा कौन से परिवारों को लाभ दिया जाना शेष है।

योजनाएं

इसके आधार पर वह अपनी विभागीय प्राथमिकता तय करेंगे और यूनिफाइड़ पोर्टल पर तात्कालिक क्रम में रिपोर्ट भी अपडे़ट करेंगे। ॥ शासन का कहना है कि प्रदेश की प्रत्येक ग्राम पंचायत से ऐसे १० से २५ परिवारों को मिलाकर कुल पांच लाख परिवारों की पहचान कर उन्हें स्वयं सहायता समूहों के नेटवर्क के अन्तर्गत लाते हुए शासन की समस्त योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा। इनमें आवास‚ मनरेगा‚ वृद्धावस्था‚ विधवा व विकलांग पेंशन‚ क्षमता निर्माण‚ आजीविका संवर्धन गतिविधि‚ श्रम विभाग की योजनाओं‚ स्वास्थ्य बीमा आदि अन्य कल्याणकारी योजनाओं से जोड़़ते हुए उन्हें त्वरित गति से व निश्चित समयावधि में गरीबी से बाहर निकाला जाएगा। ॥ शासन स्तर पर ऐसे सभी पांच लाख परिवारों में त्वरित डि़लिवरी तथा उनकी पेन्डें़सी की प्रत्येक सप्ताह समीक्षा की जाएगी‚ ताकि एक वर्ष के अन्दर इन सभी परिवारों को योजनागत या अन्य शासकीय व विशेष प्रावधानों द्वारा समुचित मदद करते हुए गरीबी से बाहर निकाला जा सके। इसका थर्ड़ पार्टी मूल्याकंन भी कराया जाएगा। ॥ दप्रदेश सरकार के १४ विभागों की ४६ योजनाओं का एक साथ दिया जाएगा लाभ॥ दप्रत्येक ग्राम पंचायत से छांटे जाएंगे १० से २५ तक अति गरीब परिवार॥ दअकेली गरीब विधवा‚ परित्यक्ता व निराश्रित महिला॥ दअनुसूचित जाति व जनजाति के गरीब परिवार॥ दऐसे गरीब परिवार‚ जिनका मुखिया ६५ वर्ष या उससे अधिक का हो और एक मात्र कमाऊ सदस्य हो॥ दपरिवार का विकलांग मुखिया‚ जो एक मात्र कमाऊ सदस्य हो॥ दऐसे परिवार जो गरीबी रेखा के नीचे हों या गरीब परिवार के मुखिया व सदस्य प्रवासी मजदूर हों॥ दऐसे गरीब परिवार‚ जो आपदा प्रभावित क्षेत्र में रह रहे हों॥ दऐसे परिवार‚ जो गरीब व भूमिहीन हों॥ दऐसे गरीब परिवार‚ जिनका मुख्य आजीविका शिल्पकारी व हस्तशिल्प हो॥ दऐसे गरीब परिवार‚ जिनके सदस्य व मुखिया दैनिक मजदूरी करते हों॥ दऐसे गरीब परिवार‚ जिनका कोई सदस्य या मुखिया अति गंभीर बीमारी से ग्रसित हो॥

विशेष योजनाएं

भारत में ग्रामीण क्षेत्र विकास का केंद्र है, लेकिन कई बार इस क्षेत्र के निर्धन छात्रों को शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में आवश्यक सुविधाएं नहीं मिल पातीं। इस समस्या का समाधान करने के लिए, सरकार ने कई कल्याणकारी योजनाएं शुरू की हैं जो ग्रामीण क्षेत्र के निर्धन छात्रों को सुरक्षित और समृद्धि से भरपूर जीवन जीने में मदद करने का उद्देश्य रखती हैं।

**1. शिक्षा का समर्थन: ग्रामीण क्षेत्रों में निर्धन छात्रों के लिए शिक्षा का समर्थन करने के लिए सरकार ने विभिन्न योजनाएं शुरू की हैं। इनमें से कुछ योजनाएं मुफ्त शिक्षा, छात्रवृत्ति, और स्कूल से घर तक वाहन सुरक्षित रूप से पहुंचाने का समर्थन करती हैं। यह योजनाएं छात्रों को उच्च शिक्षा तक पहुंचने में मदद करती हैं, जिससे उन्हें बेहतर और ब्राडर दृष्टिकोण मिलता है।

**2. आदिवासी छात्रों के लिए विशेष योजनाएं: ग्रामीण क्षेत्रों में आदिवासी छात्रों को समर्पित कुछ विशेष योजनाएं हैं जो उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर अवसर प्रदान करती हैं। इनमें से कुछ योजनाएं छात्रों को भूमि से जुड़े उद्योगों में प्रशिक्षण प्रदान करने का लक्ष्य रखती हैं, जिससे उन्हें रोजगार के लिए अच्छी तैयारी होती है।

**3. गाँवों में सामाजिक सुरक्षा: ग्रामीण क्षेत्रों में निर्धन छात्रों के लिए सामाजिक सुरक्षा की योजनाएं भी हैं। इनमें से कुछ योजनाएं बुढ़ापे में धन लाभ के लिए उपयुक्त हैं, जबकि कुछ योजनाएं विवाह, बच्चों की देखभाल और इंश्योरेंस सहित विभिन्न क्षेत्रों में सामाजिक सुरक्षा प्रदान करती हैं। ये योजनाएं ग्रामीण क्षेत्र में निर्धन छात्रों को एक मजबूत सामाजिक नेटवर्क का हिस्सा बनने में मदद करती हैं।

**4. योजनाएं खुदरा और उद्योग विकास के लिए: ग्रामीण क्षेत्रों में निर्धन छात्रों के लिए कुछ योजनाएं खुदरा और उद्योग क्षेत्र में सुरक्षित रोजगार के लिए डिज़ाइन की गई हैं। इनमें से कुछ योजनाएं छात्रों को विभिन्न कौशलों में प्रशिक्षित करती हैं, जो उन्हें खुदरा व्यापार या छोटे उद्योग की शुरुआत करने के लिए सक्षम बनाती हैं।

**5. सामूहिक सहयोग और आत्मनिर्भरता की योजनाएं: कुछ योजनाएं निर्धन ग्रामीण छात्रों को सामूहिक सहयोग और आत्मनिर्भरता की दिशा में मदद करने के लिए हैं। इनमें से कुछ योजनाएं स्थानीय समूहों का गठन करने और उन्हें सहायक सामग्री प्रदान करने का लक्ष्य रखती हैं, जिससे उन्हें अपनी समस्याओं का सामूहिक रूप से समाधान निकालने में मदद मिलती है।

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ग्रामीण क्षेत्रों में निर्धन छात्रों के लिए कल्याणकारी योजनाएं एक महत्वपूर्ण कदम हैं जो सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा की संरचना में मदद कर सकती हैं। इन योजनाओं के माध्यम से, निर्धन छात्रों को समाज में जगह मिलती है और वे अपने पूरे पोटेंशियल का उपयोग कर सकते हैं। इसके फलस्वरूप, ग्रामीण समुदाय का समृद्धि में योजनाएं मदद कर सकती हैं और एक सशक्त और समृद्धि योजना का निर्माण कर सकती हैं।

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Up Secondary Education Employee ,Who is working to permotion of education

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