लखनऊ (एसएनबी)। उत्तर प्रदेश वाणिज्य कर विभाग में १ अप्रैल से लेकर २५ मई तक कोविड़ या नान कोविड़ से हुई अधिकारियों/ कर्मचारियों की मौत हुई है‚ उनके आश्रितों को जल्द भुगतावन व आश्रितों को नौकरी दिलवाए जाने को लेकर जीएसटी कमिश्नर मिनिस्ती एस व्यक्तिगत तौर पर गम्भीर है। ॥ उन्होंने स्थापना अनुभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जल्द से जल्द देय भुगतान की प्रक्रिया व नौकरी की औपचारिक्ताओं को पूर्ण करवाया जाए‚ जिससे किसी भी परिवार को आर्थिक रूप से परेशान न होना पड़े़। इसके क्रम में लखनऊ मंड़ल कार्यालय के अन्तर्गत जिन १६ अधिकारियो/ कर्मचारियों का इस अवधि में निधन हुआ है और उनके आश्रितों द्वारा नियुक्ति एवं पेंशन के लिए आवेदन किया गया है‚ उनकी प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है और जिन लोगों ने अभी तक आवेदन नही किया है‚ उनसे प्रशासन कार्यालय लगातार सम्पर्क कर औपचारिक्ताओं को पूरी करवाने में सहयोग कर रहा है। इसके साथ ही अवकाश नकदी करण‚ बीमा की धनराशि व जीपीएफ के भुगतान की प्रक्रिया को पूर्ण कर कोषागार को भुगतान के लिए भेज भी दिया गया है केवल उन्ही मामलों में विलंब हो रहा है‚ जिसमें मृत्यु प्रमाण पत्र परिवार द्वारा अभी तक उपलब्ध नही करवाया गया है। ॥ वहीं दूसरी तरफ ऐसे अधिकारी/ कर्मचारियों के बीच दिन भर बहेस छिड़़ी रही कि उनको कवारंटीन लीव के आवेदन किस आधार पर रोके गए हैं‚ जबकि राज्य सरकार ने कोरोना को लेकर जो गजेट जारी किया है‚ उसमें क्वारंटीन लीव दिए जाने की व्यवस्था दी गयी है। हैरत की बात है कि विभाग कानून के सिर मौर कहे जाने वाले न्यायिक अधिकरण के अध्यक्ष ने इसी गजेट के आधार पर अपने सदस्यों का अवकाश स्वीकृत कर दिया है‚ जबकि कई जोनल एड़ीशनल कमिश्नरों ने इस अवकाश को नही माना है॥।
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